Central Board of Secondary Education (CBSE) ने गुजरात के शिक्षकों के लिए capacity-building programmes आयोजित करने की घोषणा की है। ये प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 जनवरी से 12 फरवरी, 2026 तक चलेंगे और इन्हें राज्य भर के Sahodaya School Complexes के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।
Skill Education पर रहेगा विशेष फोकस
CBSE के अनुसार, इन programmes का मुख्य उद्देश्य Classes 6 to 8 में skill education के प्रभावी कार्यान्वयन को बढ़ावा देना है। इसके लिए शिक्षकों को NCERT द्वारा विकसित Kaushal Bodh activity books के उपयोग और कक्षा शिक्षण में vocational skills को शामिल करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षक छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक और कौशल-आधारित सीख भी प्रदान कर सकें।
NEP 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप प्रशिक्षण
CBSE ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम National Education Policy (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है। इसमें विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा:
- Continuous Professional Development (CPD)
- Skill-based Learning
- Vocational Education का mainstream subjects के साथ integration
- “No Hard Separation” approach के तहत academic और vocational learning का समन्वय
Teacher Training Certificates होंगे मान्य
Board ने स्पष्ट किया है कि इन programmes के तहत CBSE Department of Skill Education द्वारा जारी किए गए certificates को mandatory teacher training requirements को पूरा करने के लिए वैध माना जाएगा, बशर्ते स्कूलों द्वारा प्रशिक्षण से जुड़े उचित records बनाए जाएँ।
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पहले भी कई राज्यों में हो चुके हैं ऐसे Programme
CBSE इससे पहले भी Maharashtra, Uttar Pradesh, Uttarakhand, Punjab, Chhattisgarh, Haryana, New Delhi, Tripura, West Bengal और Ghaziabad सहित कई राज्यों और क्षेत्रों में ऐसे capacity-building initiatives आयोजित कर चुका है।
Programme Schedule और Official Notice
गुजरात के शिक्षक और स्कूल इन programmes से जुड़ा detailed schedule और official notice CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।
Direct Link to Check Official Notice: (CBSE Official Website)
Conclusion
CBSE द्वारा गुजरात में आयोजित किए जा रहे ये capacity-building programmes शिक्षकों को skill-based और vocational education के लिए बेहतर रूप से तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे न केवल शिक्षकों की professional क्षमता बढ़ेगी, बल्कि छात्रों को भी future-ready skills सीखने का अवसर मिलेगा, जो NEP 2020 की भावना के अनुरूप है।









